कल मेरी एक संघी के साथ बात हो रही थी। बात आजादी की लड़ाई में कांग्रेस, कम्युनिस्टों, महात्मा गांधी और आरएसएस की भूमिका पर हो रही थी। आहिस्ता आहिस्ता बहस महात्मा गांधी और आरएसएस की भूमिका पर केंद्रित हो गयी। इस पर उस संघी ने ये तर्क दिया। ----
उसने कहा की महात्मा गांधी पर असहयोग आंदोलन को वापिस लेने, भारत छोडो आंदोलन देरी से शुरू करने, पटेल की जगह जवाहरलाल को प्रधानमंत्री बनाने, भगत सिंह के लिए कुछ ना करने और भारत पाकिस्तान का बंटवारा नही रोक पाने इत्यादि पचासों आरोप हैं। दूसरी तरफ आरएसएस पर आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों का साथ देने के अलावा कोई दूसरा आरोप है क्या ?
मुझे अब तक जवाब नही सूझ रहा।
उसने कहा की महात्मा गांधी पर असहयोग आंदोलन को वापिस लेने, भारत छोडो आंदोलन देरी से शुरू करने, पटेल की जगह जवाहरलाल को प्रधानमंत्री बनाने, भगत सिंह के लिए कुछ ना करने और भारत पाकिस्तान का बंटवारा नही रोक पाने इत्यादि पचासों आरोप हैं। दूसरी तरफ आरएसएस पर आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों का साथ देने के अलावा कोई दूसरा आरोप है क्या ?
मुझे अब तक जवाब नही सूझ रहा।