कल मुझे एक मित्र ने बताया की ललित मोदी का असली नाम लतीफ़ मोदी है और वो एक बांग्लादेशी मुस्लिम है। और विजय माल्या का असली नाम विजय मुल्ला है और वो एक अरबी मुस्लिम है। ये सारा षड्यंत्र एक हिन्दू राष्ट्र को बर्बाद करने के लिए मुस्लिम राष्ट्रों की तरफ से रचा गया है।
अनुपम खेर ने JNU में कहा की जेल से लोटा हुआ आदमी हीरो कैसे हो सकता है और उसे सम्मानित नहीं किया जाना चाहिए। बीजेपी ने उनके इस बयान का इतना बुरा माना की कल एक जेल से लोटे हुए आदमी ( अमित शाह ) ने दूसरे जेल से लोटे हुए आदमी ( श्रीसंत ) को केरल की राजधानी से बीजेपी का उम्मीदवार घोषित कर दिया।
उत्तराखंड में कांग्रेस के बागी विधायकों को बीजेपी ने ये भरोसा दिलाया की वहां की कांग्रेस सरकार को बदल दिया जायेगा। अगर किसी कारण सरकार नहीं बदल पाए तो राजयपाल को तो जरूर बदल दिया जायेगा।
दिल्ली में डा. नारंग की हत्या में शामिल लोगों को इसलिए बांग्लादेशी बताया जा रहा है की असम और बंगाल में चुनाव है। अगर पंजाब में चुनाव होता तो उनका संबंध खालिस्तानी उग्र्रवादियों से स्थापित कर दिया जाता।
असम में एक सभा में मोदीजी ने वहां के बीजेपी के CM उम्मीदवार सर्वानंद की तरफ इशारा करते हुए कहा की उनको आसाम भेजने से उनकी सरकार और देश को बहुत नुकशान हुआ है। असम के लोगों ने इस बयान को गम्भीरता से लेते हुए फैसला किया है की वो चुनाव के बाद उसे केंद्र में वापिस भेज देंगे और देश का नुकशान नहीं होने देंगे।
अनुपम खेर ने JNU में कहा की जेल से लोटा हुआ आदमी हीरो कैसे हो सकता है और उसे सम्मानित नहीं किया जाना चाहिए। बीजेपी ने उनके इस बयान का इतना बुरा माना की कल एक जेल से लोटे हुए आदमी ( अमित शाह ) ने दूसरे जेल से लोटे हुए आदमी ( श्रीसंत ) को केरल की राजधानी से बीजेपी का उम्मीदवार घोषित कर दिया।
उत्तराखंड में कांग्रेस के बागी विधायकों को बीजेपी ने ये भरोसा दिलाया की वहां की कांग्रेस सरकार को बदल दिया जायेगा। अगर किसी कारण सरकार नहीं बदल पाए तो राजयपाल को तो जरूर बदल दिया जायेगा।
दिल्ली में डा. नारंग की हत्या में शामिल लोगों को इसलिए बांग्लादेशी बताया जा रहा है की असम और बंगाल में चुनाव है। अगर पंजाब में चुनाव होता तो उनका संबंध खालिस्तानी उग्र्रवादियों से स्थापित कर दिया जाता।
असम में एक सभा में मोदीजी ने वहां के बीजेपी के CM उम्मीदवार सर्वानंद की तरफ इशारा करते हुए कहा की उनको आसाम भेजने से उनकी सरकार और देश को बहुत नुकशान हुआ है। असम के लोगों ने इस बयान को गम्भीरता से लेते हुए फैसला किया है की वो चुनाव के बाद उसे केंद्र में वापिस भेज देंगे और देश का नुकशान नहीं होने देंगे।