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Friday, April 22, 2016

उत्तराखंड पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मतलब

 खबरी -- उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट के आज के आदेश का क्या मतलब है ?

गप्पी -- केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन हटाए जाने के उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी की इस फैसले पर तुरंत रोक लगाई जाये। उसका कहना अब तक उच्च न्यायालय का लिखित फैसला भी नहीं आया है और हरीश रावत कैबिनेट की मीटिंग करके फैसले ले रहे हैं।
               इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 26 अप्रैल तक सबको फैसले की साइन की हुई कॉपी देने को कहा है और उसके बाद 27 अप्रैल को अगली सुनवाई रखी है और तब तक उच्च न्यायालय के फैसले पर अंतरिम यानि 27 अप्रैल तक रोक लगा दी है। अब सुप्रीम कोर्ट फैसले की कॉपी मिलने के बाद इस पर निर्णय करेगा।
               दूसरा जो सबसे महत्वपूर्ण आदेश जो इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने जरी किया है वो ये है की केंद्र सरकार तब तक राष्ट्रपति शासन हटाने का फैसला नहीं कर सकती। इसके लिए अटार्नी जनरल से गारंटी ली गई है। आखिर एक बार फिर पीछे से राष्ट्रपति शासन हटाकर अपना मुख्य्मंत्री बिठाने की बीजेपी की मंशा पर पानी फिर गया है।

Saturday, March 26, 2016

व्यंग ख़बरें -- ये क्या हो रहा है भक्तो।

                कल मुझे एक मित्र ने बताया की ललित मोदी का असली नाम लतीफ़ मोदी है और वो एक बांग्लादेशी मुस्लिम है। और विजय माल्या का असली नाम विजय मुल्ला है और वो एक अरबी मुस्लिम है। ये सारा षड्यंत्र एक हिन्दू राष्ट्र को बर्बाद करने के लिए मुस्लिम राष्ट्रों की तरफ से रचा गया है।
                 अनुपम खेर ने JNU में कहा की जेल से लोटा हुआ आदमी हीरो कैसे हो सकता है और उसे सम्मानित नहीं किया जाना चाहिए। बीजेपी ने उनके इस बयान का इतना बुरा माना की कल एक जेल से लोटे हुए आदमी ( अमित शाह ) ने दूसरे जेल से लोटे हुए आदमी ( श्रीसंत ) को केरल की राजधानी से बीजेपी का उम्मीदवार घोषित कर दिया।
                 उत्तराखंड में कांग्रेस के बागी विधायकों को बीजेपी ने ये भरोसा दिलाया की वहां की कांग्रेस सरकार को बदल दिया जायेगा। अगर किसी कारण सरकार नहीं बदल पाए तो राजयपाल को तो जरूर बदल दिया जायेगा।
                  दिल्ली में डा. नारंग की हत्या में शामिल लोगों को इसलिए बांग्लादेशी बताया जा रहा है की असम और बंगाल में चुनाव है। अगर पंजाब में चुनाव होता तो उनका संबंध खालिस्तानी उग्र्रवादियों से स्थापित कर दिया जाता।
                  असम में एक सभा में मोदीजी ने वहां के बीजेपी के CM उम्मीदवार सर्वानंद की तरफ इशारा करते हुए कहा की उनको आसाम भेजने से उनकी सरकार और देश को बहुत नुकशान हुआ है। असम के लोगों ने इस बयान को गम्भीरता से लेते हुए फैसला किया है की वो चुनाव के बाद उसे केंद्र में वापिस भेज देंगे और देश का नुकशान नहीं होने देंगे।