ताजा खबरों, सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक विषयों को व्यंगात्मक और सरल भाषा में प्रस्तुत करना।
Showing posts with label Yogi. Show all posts
Showing posts with label Yogi. Show all posts
Sunday, June 21, 2015
Saturday, June 20, 2015
एक बार फिर भ्रम आसन को तैयार देश
खबरी -- योग क्या क्या (नही) कर सकता है।
गप्पी -- हमारा देश योगियों का देश है। यहां बड़े बड़े योगी हुए हैं। लोगों ने हजारों साल तपस्याएँ की हैं। हमारे देश में हमेशा योगी और योगिराज बड़ी संख्या में रहे हैं।ये साधु बाबा और योगियों को अगर अलग बसा दिआ जाये तो एक दूसरा आस्ट्रेलिया बस जाये। समाज को गाली देने और उसी समाज पर पलने वाले ये परोपजीवी इतनी बड़ी संख्या में में दुनिया में और कही नही मिलेंगे। लेकिन हमारा देश फिर भी भूखा नंगा ही रहा। सालों पहले भी हमारी समस्या भूख , गरीबी और बेरोजगारी थी और आज भी वही है। आंकड़े कहते हैं की दुनिया के सबसे ज्यादा अन्धे हमारे भारत में हैं। योग दिवस पर हम इसका प्रदर्शन पूरी दुनिया के सामने करेंगे। हम पूरे देश में हर उमर के और हर प्रकार के शरीर के लोगों के लिए एक ही तरह के योगासन करेंगे। एक दोनों पैरों पर भी मुश्किल से खड़ा होने वाला आदमी एक पैर पर खड़ा होने की कोशिश करेगा। जिसे कमर दर्द की शिकायत है और डाक्टर ने बैड पर आराम करने को कहा है वो चक्रासन करेगा। जो आसन कुछ लोग मोटा होने के लिए करेंगे, वही आसन कुछ लोग पतला होने के लिए भी करेंगे। 21 जून को एक ही दिन में हम योग का मजाक बना कर रख देंगे।हमारी जो समस्याएं हैं वो योग दिवस बाद भी रहने वाली हैं। फिर क्यों सारा देश इसके पीछे पागलों की तरह लगा हुआ है।
हमारे देश में झूठी प्रशंसा के भूखों की कमी नही है। कभी नही रही। देवता भी झूठी प्रशंसा से प्रसन्न होते थे।
Labels:
Entertainment,
Govt.,
Hindu,
Humor,
Literature,
Politics,
Religion,
satsang,
Vyeng,
Yoga,
Yogasn,
Yogi
Subscribe to:
Posts (Atom)